O LEVEL | M1-R5 | Introduction to World Wide Web BY. SUNRISE COMPUTER

INTRODUCTION TO WWW 

WWW | INTRODUCTION

  • WWW का पूरा नाम World Wide Web (वर्ल्ड वाइड वेब) होता है। इसे W3 या Web के नाम से भी जाना जाता है।
  • WWW इंटरनेट में मौजूद सभी वेबसाइटों का एक संग्रह (collection) होता है। ये सभी वेबसाइट वेब सर्वर में स्टोर रहती हैं।
  • दुसरे शब्दों में कहें तो, “WWW एक प्रकार की सर्विस है जिसका उपयोग इंटरनेट में मौजूद जानकारी और रिसोर्स को एक्सेस करने के लिए किया जाता है।”
  • वर्ल्ड वाइड वेब का अविष्कार टिम बर्नर्स ली (Tim Berners Lee) ने 1989 में किया था, इसलिए टिम बर्नर्स ली को WWW का जनक कहा जाता है।
  • वर्ल्ड वाइड वेब इंटरनेट का एक अहम हिस्सा है जिसका इस्तेमाल इंटरनेट पर जानकरी को शेयर करने के लिए किया जाता है। इस तकनीक का उपयोग करके यूजर दुनिया के किसी भी कोने से वेबसाइट में मौजूद जानकारी को एक्सेस कर सकता है।
  • उदहारण के लिए :- यदि किसी यूजर को Sunrise Computer की वेबसाइट पर डायरेक्ट जाना है तो वह  वेब ब्राउज़र में www.sunrisecomputerclasses.com दर्ज करके सीधे वेबसाइट में प्रवेश कर सकता है।
  • WWW का इस्तेमाल कोई भी व्यक्ति मुफ़्त (free) में कर सकता है और यह सभी डिवाइसों में चलता है।

WWW | CHARACTERISTICS

  • Cross Platform :- वर्ल्ड वाइड वेब cross platform होता है। इसका मतलब यह है कि यह सभी डिवाइसों और ऑपरेटिंग सिस्टम में चलता है।
  • Open Source :- WWW ओपन सोर्स होता है। इसका मतलब यह है कि इसका इस्तेमाल कोई भी व्यक्ति मुफ्त में कर सकता है।
  • Distributed :- यह डिस्ट्रिब्यूटेड होता है। इसका अर्थ है कि WWW का इस्तेमाल एक समय में बहुत सारें लोग कर सकते हैं।
  • Hypertext :- इन्टरनेट में मौजूद वेबसाइट में बहुत प्रकार की जानकारी मौजूद होती है। यह जानकारी text, image, audio और video के रूप में होती है। WWW में इन सभी जानकारी को आपस में जोड़ने के लिए हाइपरटेक्स्ट का इस्तेमाल किया जाता है।
  • Dynamic :- WWW डायनामिक होता है क्योंकि इसमें मौजूद जानकारी लगातार बदलते रहती हैं।
  • Not Mandatory :- किसी वेब पेज या वेबसाइट को एक्सेस करने के लिए जरुरी नहीं है कि हम www का उपयोग करे। हम www के बिना भी वेबसाइट या वेबपेज को एक्सेस कर सकते है।

WWW | CONCEPT | HYPER MEDIA
HTTP एक browser protocol हैं जो किसी भी टेक्स्ट या ग्राफिक फाइल को लिंक करने का वर्क करता है हाइपरमीडिया द्वारा ही वेब ब्राउज़र यूजर की रिक्वेस्ट को सर्वर के पास सेंड करता है और सरवर से प्राप्त इंफॉर्मेशन को वेब ब्राउज़र द्वारा यूजर के कंप्यूटर पर डिस्प्ले कराता है।
HTTP WWW का मुख्य प्रोटोकॉल होने के कारण अधिक फास्ट वर्क करता है और HTTP यूजर की रिक्वेस्ट को तीन पार्ट में डिवाइड करता है :
  • Request Time :- यह request method को show करता हैं। इसमें यह जानकारी मिलती है कि इंफॉर्मेशन कहां है तथा Server के किस प्रोटोकॉल द्वारा इंफॉर्मेशन access की जाएगी।
  • Header Section:- यह यह सरवर की इंफॉर्मेशन को होल्ड करता है जैसे ही यूजर की रिक्वेस्ट सरवर तक पहुंचती है वैसे ही है header section एक्टिव होकर क्लाइंट कंप्यूटर को रिस्पांस करता है।
  • Entity Body :- Server में बना डेटाबेस entity body के अंतर्गत से होता है क्योंकि header section डेटाबेस को store करने के लिए पर्याप्त स्टोरेज नहीं रखता।
WWW | CONCEPT | NVT (NETWORK VIRTUAL TERMINAL)
यह एक ऐसा local host या terminal होता है जिसमें प्रायः Telnet (remote login) का प्रयोग किया जाता है। यह नेटवर्क द्वारा ट्रांसफर की गई इंफॉर्मेशन स्टोर रखता है जब तक इंफॉर्मेशन सरवर तक ना पहुंच जाए और एक प्रकार का plateform उपलब्ध कराता है जहां user अपनी information को hold करके server तक पहुंचता है।

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