O LEVEL | M1-R5 | TCP / IP MODEL BY. SUNRISE COMPUTER
TCP/IP
MODEL
INTRODUCTION | TCP/IP MODEL
TCP प्रोटोकॉल डिजिटल नेटवर्क संचार के अंतर्गत सबसे अधिक उपयोग किये जाने वाले प्रोटोकॉल में से एक है जो End To End डेटा डिलीवरी प्रदान करता है। TCP Protocol पूर्ण डेटा की सफल डिलीवरी की गारंटी देता है। TCP का प्रयोग डेटा की सुरक्षित डिलीवरी के लिए किया जाता है। TCP प्रोटोकॉल Internet Protocol Suite के अंतर्गत काम करता है इसलिए इसे TCP/IP भी कहा जाता है। TCP/IP के माध्यम से ही इंटरनेट पर इंटरनेट डिवाइस और एप्लीकेशन के बीच communication establish होता है, जिससे डेटा का आदान – प्रदान संभव हो पाता है। जैसे इंटरनेट से कोई डेटा अपलोड या डाउनलोड करते हैं तो इस प्रोसेस को TCP के द्वारा ही नियंत्रित किया जाता है। किसी उपकरणों के बीच डेटा किस प्रकार संचरित होना चाहिए इसका निर्धारण TCP प्रोटोकॉल करता है।
TCP/IP MODEL | HISTORY
TCP/IP प्रोटोकॉल को 1970 के दशक में दो DARPA वैज्ञानिक Vint Cerf और Bob Kahn ने विकसित किया था। 1973 में उन्होंने पैकेट रेडियो नेटवर्क पर विश्वसनीय डेटा संचार पर शोध शुरू किया, और फिर नयी पीढ़ी के TCP का विकास हुआ। जिसका प्रयोग आज इंटरनेट पर डेटा संचार के लिए किया जाता है। दिसम्बर 1974 में RFC 675 के रूप में TCP को संशोधित किया गया। TCP आज एक मानक इंटरनेट प्रोटोकॉल बन चुका है जो डिजिटल कंप्यूटर को लंबी दूरी पर संचार करने की अनुमति देता है।
TCP/IP MODEL | LAYERS
TCP/IP मॉडल की चार लेयर होती हैं जो कि इस प्रकार हैं –
- Network Layer
- Internet Layer
- Transport Layer
- Application Layer
TCP/IP MODEL |NETWORK LAYERS
नेटवर्क लेयर यह निर्धारित करती है कि डेटा किस प्रकार से भेजा जाना है, यह डेटा भेजने और प्राप्त करने के भौतिक कार्य को संभालता है। नेटवर्क लेयर नेटवर्क पर एप्लीकेशन या उपकरणों के बीच डेटा संचार के लिए जिम्मेदार है। यह TCP/IP प्रोटोकॉल की सबसे निम्नतम लेयर है। इस layer का कार्य नेटवर्क के द्वारा transmit किये गये IP datagram को frames में encapsulate करना है और IP address को physical address में map करना है। इस लेयर के द्वारा प्रयोग किये जाने वाले protocols हैं:- ethernet, FDDI, token ring, x.25, frame Relay.
TCP/IP MODEL | INTERNET LAYERS
इंटरनेट लेयर नेटवर्क में कनेक्शन रहित संचार उपलब्ध करती है, इसमें डेटा Datagram के रूप में होता है। यह नेटवर्क से डेटाग्राम भेजने और उसके Movement को नियंत्रित करती है ताकि यह सुनिश्चित हो सके डेटाग्राम सफलतापूर्वक अपने Destination पर पहुंचें। यह TCP/IP प्रोटोकॉल की तीसरे नंबर की लेयर है।
IP Protocol :- इसका पूरा नाम internet protocol है और इसका मुख्य कार्य source से destination तक packets को deliver करना होता है। इसके दो versions होते है IPv4 और IPv6.
ARP :- इसका पूरा नाम Address Resolution Protocol है। इसका कार्य ip address से physical address को खोजना होता है। इसके बहुत सारें प्रकार होते हैं:- जैसे:- RARP, PARP आदि।
ICMP :- इसका पूरा नाम internet control message protocol है। इसका कार्य host को network में आने वाली problems के बारें में सूचना देना होता है।
TCP/IP MODEL | TRANSPORT LAYERS
ट्रांसपोर्ट लेयर डेटा को उसके डेस्टिनेशन तक पहुँचने में एक ठोस और भरोसेमंद कनेक्शन प्रदान करता है, जब डेटा ट्रांसपोर्ट लेयर में पहुँचता है तो यहाँ डेटा पैकेट के रूप में विभाजित हो जाता है और डेटा को Sequence में किया जाता है। ट्रांसपोर्ट लेयर निर्धारित करती है कि कितना डेटा भेजा जाना चाहिए, इसे कहां और किस Location पर भेजा जाना चाहिए। इसी लेयर के कारण TCP/IP प्रोटोकॉल में डेटा Sequence में भेजा जाता है। यह TCP/IP प्रोटोकॉल की दुसरे नंबर की लेयर है।
इस लेयर में दो मुख्य प्रोटोकॉल कार्य करते है:-
- Transmission Control Protocol (TCP)
- User Datagram Protocol (UDP)
TCP/IP MODEL | APPLICATION LAYERS
एप्लीकेशन लेयर यूजर को कनेक्शन प्रदान करवाती है। एप्लीकेशन लेयर में यूजर सीधे एप्लीकेशन के साथ Interact कर सकता है, जैसे ईमेल सिस्टम। यह TCP/IP कनेक्शन की सबसे उपरी लेयर होती है। Application लेयर ट्रांसपोर्ट लेयर को डेटा भेजती है तथा उससे डेटा receive करती है। इस layer का कार्य high-level protocols को handle करना होता है। यह layer यूजर को application के साथ interact करने की सुविधा प्रदान करती है।
HTTP और HTTPS :- HTTP का पूरा नाम hypertext transfer protocol है। इसके द्वारा हम internet में data को access कर सकते हैं। यह data को text, audio, video के रूप में ट्रान्सफर करता है। HTTPS का पूरा नाम नाम HTTP-secure है। जब हम http के साथ ssl का प्रयोग करते है तो वह https हो जाता है।
SNMP :- इसका पूरा नाम simple network management protocol है। यह एक फ्रेमवर्क है जिसका प्रयोग internet में devices को manage करने के लिए किया जाता है।
SMTP :- इसका पूरा नाम simple mail transfer protocol है। इसका प्रयोग एक e-mail से दूसरे e-mail address में data को send करने के लिए किया जाता है।
DNS :- इसका पूरा नाम domain name system है। इसका प्रयोग ip address को map करने के लिए किया जाता है।
TCP/IP MODEL | FEATURES
- TCP/IP प्रोटोकॉल इंटरनेट में डेटा संचार के लिए एक विश्वशनीय प्रोटोकॉल है।
- TCP/IP के द्वारा डेटा को सुरक्षित रूप से ट्रान्सफर किया जा सकता है।
- TCP प्रोटोकॉल का हैडर साइज़ 20 से लेकर 60 Byte तक हो सकता है।
- TCP एक Open Suite Protocol है जो किसी कम्पनी का नहीं है, कोई भी व्यक्ति इसका प्रयोग कर सकता है।
- TCP का इस्तेमाल बड़े नेटवर्क में डेटा ट्रान्सफर के लिए किया जाता है।
- TCP प्रोटोकॉल के द्वारा डेटा ट्रान्सफर करने के लिए डिवाइस में कनेक्शन होना आवश्यक है।
TCP/IP MODEL | ADVANTAGE
- TCP एक विश्वशनीय प्रोटोकॉल है जो डेटा की सफलतापूर्वक डिलीवरी की गारंटी लेता है।
- TCP प्रोटोकॉल डेटा को एक Sequence में भेजता है।
- यह एक Open Suite प्रोटोकॉल है, कोई भी व्यक्ति इसे प्रयोग कर सकता है।
- अलग – अलग कंप्यूटर के बीच कनेक्शन स्थापित करने के लिए TCP प्रोटोकॉल बेस्ट है।
- TCP प्रोटोकॉल नेटवर्क में लम्बे दुरी में भी डेटा ट्रान्सफर करने में समर्थ है।
- TCP मॉडल स्वतंत्र रूप से काम करता है।
TCP/IP MODEL | DIS-ADVANTAGE
- TCP प्रोटोकॉल को मैनेज करना बहुत Complex Process है।
- TCP को बड़े नेटवर्क जैसे WAN के लिए डिजाईन किया गया है, छोटे नेटवर्क जैसे LAN, PAN में स्थापित नहीं किया गया है।
- TCP डेटा लिंक और फिजिकल लेयर के बीच अंतर स्पष्ट नहीं करता है, लेकिन इनके कार्य बहुत अलग – अलग हैं।
- UDP प्रोटोकॉल की तुलना में यह धीमा है।
Comments
Post a Comment